!! अपनो का साथ !!

जिंदगी नही है वो जो रब से हमने पायी है

जिंदगी तो वो है जो अपनों के साथ बितायी है

चलते – चलते जब ये कदम थक कर कहीं रुक जायेंगे

अपनों के दिये हौसलो के पँख मंजिल तक ले जाएंगे

खुशकिस्मती है ये मेरी जो अपनो का साथ मैने पाया है

और ये कुछ भी नही रब की दुआओं का ही साया है

सोचते है हम ये , कि ईश्वर

हर कहीं नही आ पाता है

रब तो हमारे अपनो में समाया है

कोई किसी की कहाँ कमी पूरी कर पाता है

सच तो ये है हर रिश्ता अपनी जगह खुद बनाता है

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Yahi hai dil ki aarzoo

Tanha akela main rahta tha

Tu khushiyan sang lekar aayi

Band rashton me tune mujhe

Nahi disha ek dikhayi

Andhera tha jivan me

Tune bikheri roshni

Mujhse door thi jo manjil

Tu le aayi usko kareeb bhi

Nafrat thi mujhe jis duniya se

Tune pyaar karna usse sikhaya

Baantne se hota gam kam hai

Tune hi ye bataya

Tera saath rahe sada

Yahi hai dil ki aarzoo

Maanghu rab se yahi duaa

Rakhe mujhe apne

Dil ke kareeb

Tu

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!! शब्दों के पँख !!

हर एहसास , हर जज्बात

कुछ खोने का डर

कुछ पाने की आस

हैं अधूरे

कुछ ख्वाब

तो

जिंदगी जीने के कुछ

बेफिक्रे अंदाज़

थोड़ी सी शरारतें

तो कहीं कुछ

कही अनकही बातें

किसी की दुआओं को

तो भीड़ में भी किसी की

तन्हाइयों को

हर

एक की गयी छोटी सी कोशिश में

उड़ान भरते है

शब्दों के

पँख

◆◆ जैसे मेरे हाथों से रेत फिसलती जा रही है ◆◆

किस पल से लिखना शुरू करूँ मै

मुझे

समझ मे कुछ नही आ रहा है

मेरे जीवन का बीता हर पल ही

मेरे जीवन की परिभाषा है

मै रुकी हुई हूँ एक जगह पर

मेरी जिंदगी चलती जा रही है

जैसे मेरे हाथो से

रेत फिसलती जा रही है

बहुत सी कमियां है मुझमे भी

इस्से

मैने कब इंकार किया है

जो भी मिला इस जिंदगी से

खुली बाहों से स्वीकार किया है

नही तलाश अब किसी मंजिल की

ये सफर ही बहुत खूबसूरत है

मेरे रास्तों की हर मुश्किल को

मेरे हर रिश्ते ने

कदम – कदम पर

मेरे लिये आसान किया है

पर

ना जाने ऐसे कितने पल है

कितनी ही ऐसी बातें है

जो मैने अक्सर तन्हाइयों में

खुद से ही बाँटे है

थोड़ी गुमसुम सी है जिंदगी

थोड़ी सी खामोशी है

जैसे किसी नदी में ठहरा – ठहरा

सा पानी है

कुछ तो है या किसी की कमी

जो मुझे नजर नही आती है

कुछ एहसास है , कुछ ख्वाइशें है

जो पूरी होना अभी बाकी है

कोई तो हो ऐसा अपना

जो मुझमे मुझसे ज्यादा शामिल हो

मैं उसके दुख का

और

वो मेरे सुख का सच्चा साथी हो

कहते है

समय किसी की खातिर

कभी नही ठहरता है

जो किस्मत में लिखा हो

वो कहाँ बदलता है

धूप – छावॅ हो या हार – जीत

गम के हो या खुशियों के पल

ये तो

आते – जाते रहते है

यही तो वो एहसास है

शायद

जिन्हे हम जिंदगी कहते है

औरो से क्या जीते हम

खुद की ही सोच से ही

हम हारे है

सामने कोई कितना ही सही हो

सही गलत का दायरा हमे

बाँधे है

परिवर्तन सृष्टि का नियम है

ये बात हम सबने

कहीं ना कहीं मानी है

हर नजरिए

हर जिंदगी में छिपी एक

नयी सोच

एक

नयी कहानी है

पँख


!! अनोखी दोस्ती !!

मालूम नही मुझे मै क्यों

अक्सर

लोगो से घबराती हूँ

हजारो की भीड़ में भी खुद को

मै तन्हा ही पाती हूँ

ऐसा नही है कि इस भीड़ में

मेरा कोई अपना नही है

पर जिससे दिल की हर बात बोल दूँ

ऐसा भी अब तक कोई मिला नही है

मेरे हर रिश्ते में छिपा

मेरे ही रब का साया है

जिनकी दुआओं ने मुझे

हर मुश्किल में संभाला है

एक दोस्त की कमी

हमेशा मुझे सताती है

मेरी यही सोच मुझे अक्सर रातो को जगाती है

एक रात मै आसमान में यूँ ही चाँद को

देख रही थी

मन ही मन मै उससे उसके अकेलेपन

की वजह पूछ रही थी

अनंत तारो के बीच चाँद अकेला मुस्कुरा रहा था

मै कहाँ अकेला था , तुम मेरा और मै

तुम्हारा साथ निभा रहा था

और इस तरह

पहली बार कोई मेरे अपने होने का

एहसास करा रहा था

जो

हजारों की भीड़ में , मेरी तरह अकेला

था

एक आदत सी , एक सिलसिला सा

दोस्ती का रिश्ता

निभा रहा था

अब मै अपनी हर बात अपने दोस्त को बताती हूँ

उसके साथ बीते हर पल में मै

खुशी और सुकून पाती हूँ

अब किसी की कमी नही मुझे

सताती है

इस अनोखी दोस्ती का अनोखा रिश्ता

में आज भी पूरे दिल से निभाती हूँ

★★★ !! समाप्त !! ★★★

!!एक सोच कुछ ख्वाहिशें!!

हल्की – हल्की सर्दी अब शुरू हो रही है

गुनगुनी सी धूप मुझे छू रही है

ये मौसम की कशिश है

या

मेरे मन की खुशी है

जो उम्मीदें मुझमें जगा रही है

एक सोच है और कुछ ख्वाहिशें

एक धुंधली सी मंजिल दिखा रही है

गर साथ हो अपनो का

हर कमी पूरी

होती नजर आती है

पर हमारी ही कमियाँ

हमे अक्सर कमजोर बनाती है

जादू से भरा ये मौसम है

या

कुछ खास है ये पल

जो मेरी सोच को एक दिशा दिखा रही है

क्या माँगू अब मै इस जिंदगी से

कोई आरजू नही अब बाकी है

शुक्रिया है रब का

जो मिला उससे , वही काफी है

थोड़ी – थोड़ी धूप है

थोड़ी – थोड़ी छावं है

मुश्किलो का साया है

तो खुशियों का ठहराव है

बेरंग सी थी कुछ ये जिंदगी

जो कुछ रंगो से अब सजती जा रही है

मेरी तन्हाईयाँ ही मेरी

दोस्त बनती जा रही है।

★★★ समाप्त ★★★

★ ये जरुरी तो नही ★

दिल की हर आरजू पूरी हो जाये

ये जरूरी तो नही

हमे जिंदगी की हर खुशी मिल जाये

ये जरुरी तो नही

दिल प्यार का समुन्दर है

जितना मिले उतना ही कम है

सपने तो बहुत है , सब

पूरे हो जाये

ये जरूरी तो नही

जब – जब फँसे हम मंझधारों में

लहरे साहिल तक ले जाये

ये जरुरी तो नही

जिन्हें माँगते हो हम

अपनी हर दुआँ में

वो हमे मिल जाये

ये जरूरी तो नही

चाहते हो हम जिन्हें दिल से

वो भी हमें प्यार करे

ये जरूरी तो नही

जिंदगी तो जीने का नाम है

पर हम अपनी जिंदगी खुशी

से जी ले

ये जरुरी तो नही

◆◆◆ समाप्त ◆◆◆